अब AI की मदद से पकड़े जाएंगे म्यूल अकाउंट, जानिए क्या है सरकार का प्लान....

गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सरकार साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी के तहत पार्क किए गए 'म्यूल अकाउंट' को पहचानने के लिए AI का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। यह बयान उन्होंने संसद की परामर्शी समिति की बैठक में दिया, जिसमें साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध पर चर्चा की गई थी।

Feb 11, 2025 - 15:57
Feb 11, 2025 - 15:59
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अब AI की मदद से पकड़े जाएंगे म्यूल अकाउंट, जानिए क्या है सरकार का प्लान....

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सरकार साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी के तहत पार्क किए गए 'म्यूल अकाउंट' को पहचानने के लिए AI का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। यह बयान उन्होंने संसद की परामर्शी समिति की बैठक में दिया, जिसमें साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध पर चर्चा की गई थी।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 805 ऐप्स और 3,266 वेबसाइट लिंक किए गए ब्लॉक

अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की सिफारिशों पर 805 ऐप्स और 3,266 वेबसाइट लिंक को ब्लॉक किया गया है। I4C सरकार का साइबर अपराध निगरानी और पहचान केंद्र है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों का मुकाबला करने के लिए काम करता है।

6 लाख से अधिक संदिग्ध डेटा प्वाइंट्स साझा, 19 लाख से अधिक 'म्यूल अकाउंट' पकड़े गए

गृह मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि 399 बैंक और वित्तीय मध्यस्थ अब इस अभियान में शामिल हो गए हैं। इस पहल के तहत, छह लाख से अधिक संदिग्ध डेटा प्वाइंट्स साझा किए गए हैं और 19 लाख से अधिक 'म्यूल अकाउंट' पकड़े गए हैं। इससे देश में साइबर धोखाधड़ी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

Rs 2,038 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन को रोका गया

अमित शाह ने यह भी बताया कि इस पहल के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन के रूप में 2,038 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान को रोका गया है। यह कदम साइबर अपराधियों द्वारा किए जा रहे धोखाधड़ी के प्रयासों को विफल करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

AI से साइबर अपराध में कमी की उम्मीद

गृह मंत्री के अनुसार, सरकार AI का उपयोग करने की योजना बना रही है, जिससे साइबर ठगों द्वारा उपयोग किए जा रहे 'म्यूल अकाउंट' की पहचान में मदद मिलेगी। यह कदम भविष्य में साइबर अपराधों को कम करने और संदिग्ध लेन-देन को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

इस दिशा में किए गए प्रयासों से साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और तेजी से बढ़ती है।

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Prashant Singh Journalism Student University Of Lucknow.