योगी सरकार का बड़ा कदम: लखनऊ सहित कई जिलों में सर्किल रेट का पुनरीक्षण होगा

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है। सरकार का यह कदम खासतौर पर उन जिलों में लागू होगा, जहां सालों से सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हाल ही में इसकी समीक्षा बैठक में इस कार्यवाही को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। यह कदम किसानों और भूमि मालिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इसके बाद भूमि अधिग्रहण के मामलों में उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा।

Mar 11, 2025 - 11:12
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योगी सरकार का बड़ा कदम: लखनऊ सहित कई जिलों में सर्किल रेट का पुनरीक्षण होगा
योगी सरकार का बड़ा कदम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है। सरकार का यह कदम खासतौर पर उन जिलों में लागू होगा, जहां सालों से सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हाल ही में इसकी समीक्षा बैठक में इस कार्यवाही को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। यह कदम किसानों और भूमि मालिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इसके बाद भूमि अधिग्रहण के मामलों में उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा।

सर्किल रेट का पुनरीक्षण: वर्तमान स्थिति
राज्य के 37 जिलों में 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक सर्किल रेट का पुनरीक्षण पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जिलों में यह प्रक्रिया अभी जारी है। आगामी समय में अन्य जिलों में भी सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन जिलों में वर्षों से यह प्रक्रिया अधूरी रही है, उन जिलों में इसे प्राथमिकता दी जाएगी। इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूमि के मूल्यांकन को अपडेट करना है, ताकि किसानों और भूमि मालिकों को उनका उचित मूल्य मिल सके।

प्रभावित जिलों की सूची
अब तक जिन जिलों में सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हो पाया है, उनमें प्रमुख रूप से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बागपत, इटावा, कन्नौज, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, महाराजगंज, कुशीनगर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, एटा, कासगंज, मुजफ्फरनगर, बदायूं, झांसी, जालौन, ललितपुर, संत कबीरनगर, कौशांबी और प्रयागराज शामिल हैं। वहीं, कई अन्य जिलों जैसे शामली, सहारनपुर, मीरजापुर, अलीगढ़, बांदा, हमीरपुर, आगरा, सुल्तानपुर, अमेठी और गौतमबुद्ध नगर में सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

किसानों को होगा फायदा
सर्किल रेट का पुनरीक्षण न होने के कारण विशेष रूप से किसानों को नुकसान हो रहा है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में उन्हें उनकी भूमि का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा था। जब सर्किल रेट का पुनरीक्षण किया जाएगा, तो भूमि मालिकों को उनके संपत्ति के वास्तविक मूल्य के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। इससे किसानों और भूमि मालिकों को अधिक लाभ होगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

जिलाधिकारी को मिलेगा पुनरीक्षण का अधिकार
उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) द्वितीय संशोधन नियमावली – 2013 के तहत जिलाधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि वे जिले के विभिन्न भागों में स्थित कृषि और अकृषक भूमि का न्यूनतम मूल्य प्रति हेक्टेयर/प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित कर सकें। इसके अतिरिक्त, यदि आवश्यकता पड़ी, तो जिलाधिकारी वर्ष के मध्य में भी सर्किल रेट की सूची का पुनरीक्षण कर सकते हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि भूमि के मूल्यांकन में किसी प्रकार की असमानता न हो।

समीक्षा बैठक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भूमि के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की कार्यवाही को गति दी जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया ताकि राज्य के सभी हिस्सों में भूमि के सही मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

जेवर एयरपोर्ट में थाने की स्थापना
गौतमबुद्धनगर में निर्माणाधीन जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट परिसर में थाने की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह थाना एयरपोर्ट के अंदर एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस फैसले के बाद, जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। सरकार ने इसके लिए भूमि मानक में कुछ छूट भी प्रदान की है, ताकि थाने का निर्माण सुगमता से हो सके। गृह विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

योगी सरकार द्वारा सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्णय से किसानों और भूमि मालिकों को उचित मूल्य प्राप्त होगा, और प्रदेश के विकास में भी एक नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, जेवर एयरपोर्ट में थाने की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जो एयरपोर्ट की समुचित संचालन में सहायक साबित होगा।

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Prashant Singh Journalism Student University Of Lucknow.