"घुसपैठियों की खैर नहीं, 4 पुराने कानून होंगे खत्म; जानिए सजा के प्रावधान"
भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को संसद में 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025' (अप्रवासन और विदेशी विधेयक 2025) पेश किया गया। इस बिल का उद्देश्य अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और देश में घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिकों पर निगरानी रखना है। इस विधेयक के लागू होने के बाद, देश में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों, चाहे वे बांग्लादेशी हों या पाकिस्तानी, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली: भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को संसद में 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025' (अप्रवासन और विदेशी विधेयक 2025) पेश किया गया। इस बिल का उद्देश्य अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और देश में घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिकों पर निगरानी रखना है। इस विधेयक के लागू होने के बाद, देश में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों, चाहे वे बांग्लादेशी हों या पाकिस्तानी, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों लाया गया यह विधेयक?
गृह मंत्रालय के द्वारा पेश किया गया यह विधेयक भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को किसी भी तरह से खतरे से बचाने के लिए लाया गया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस बिल के मकसद को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह विधेयक देश में अवैध रूप से रहने वाले विदेशियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए तैयार किया गया है। इस बिल में यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति भारत में अवैध तरीके से प्रवेश करता है या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश में रह रहा है, तो उसे कठोर सजा दी जाएगी।
विधेयक के मुताबिक, यदि कोई विदेशी नागरिक हमारे देश के लिए खतरा बनता है या भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदायक साबित होता है, तो उसे तुरंत देश से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी विदेशी नागरिक के कारण भारत और उसके देश के रिश्तों में खटास आती है, तो उसे भारत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पुराने कानून होंगे समाप्त
इमिग्रेशन और विदेशी विधेयक 2025 के लागू होने के बाद, देश में इमिग्रेशन और नागरिकता से संबंधित पुराने कानूनों को खत्म कर दिया जाएगा। इस बिल के तहत नए नियम और प्रावधानों को लागू किया जाएगा, जिनके माध्यम से देश में अवैध प्रवासियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
यह विधेयक भारत में आने वाले विदेशियों के दस्तावेजों की जांच और वीजा संबंधित मामलों को पूरी तरह से नियंत्रित करेगा। यह भारत सरकार को यह शक्तियां देगा कि वह विदेशियों के यात्रा दस्तावेजों की जांच कर सके और उन्हें 'रेग्यूलेट' करने के मामले में सक्षम हो।
विधेयक का मकसद
इस बिल का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी विदेशी नागरिक भारत में आए, तो उसे हमारे देश के कानूनी नियमों का पालन करना होगा। बिल का स्पष्ट उद्देश्य यह नहीं है कि किसी को भारत में प्रवेश से रोका जाए, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जो व्यक्ति भारत में आए, वह सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करें।
विपक्ष का विरोध
हालांकि, इस विधेयक के पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगात राय ने इस बिल को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज की हैं। उनका कहना है कि यह विधेयक विदेशी नागरिकों के साथ भेदभाव करने और देश में असहमति को उत्पन्न करने का कारण बन सकता है।
इमिग्रेशन और विदेशियों से संबंधित नए प्रावधान
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 में ऐसे प्रावधान होंगे, जो भारत में आने वाले और जाने वाले व्यक्तियों की यात्रा और वीजा संबंधी सभी दस्तावेजों की निगरानी करेंगे। इस विधेयक के तहत, विदेशियों को भारत में प्रवास करने के लिए वीजा की आवश्यकता होगी और देश के नियमों के अनुसार उनके मामले को 'रेग्यूलेट' किया जाएगा।
इसके अलावा, विदेशियों को भारत में रहने की अनुमति देने के लिए कड़े प्रावधान रखे जाएंगे, ताकि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को देश से बाहर किया जा सके। यह विधेयक राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को सुनिश्चित करने के लिए पेश किया गया है। यह विधेयक अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा और देश में आने वाले विदेशियों के लिए नए नियम लागू करेगा। हालांकि, विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस विधेयक का उद्देश्य सिर्फ नियमों का पालन करवाना है, न कि किसी को देश में प्रवेश से रोकना।
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