Budget Session: संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान टीएमसी सांसद की टिप्पणी पर हंगामा
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंगलवार को पक्ष और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। इस दौरान लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने मनरेगा योजना पर सवाल उठाए, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। टीएमसी सांसद ने केंद्र सरकार पर बंगाल के साथ पक्षपाती व्यवहार करने का आरोप लगाया और मनरेगा के तहत राज्य को तीन साल तक लाभ से वंचित रखने के कारण पूछे।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंगलवार को पक्ष और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। इस दौरान लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने मनरेगा योजना पर सवाल उठाए, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। टीएमसी सांसद ने केंद्र सरकार पर बंगाल के साथ पक्षपाती व्यवहार करने का आरोप लगाया और मनरेगा के तहत राज्य को तीन साल तक लाभ से वंचित रखने के कारण पूछे।
टीएमसी सांसद की टिप्पणी पर हंगामा
लोकसभा में मनरेगा पर सवाल पूछते हुए टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार से यह सवाल किया कि बंगाल को तीन साल तक मनरेगा के लाभ से क्यों वंचित रखा गया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए और राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनकी टिप्पणियों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
टीएमसी सांसद की टिप्पणी पर हंगामा और टोकाटोकी की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद बनर्जी भड़क गए और लोकसभा में सवाल किया, "क्या यह मंत्री है? आपको मंत्री किसने बनाया?" उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध करना शुरू कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई, और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी टीएमसी सांसद से संयम बरतने को कहा।
गिरिराज सिंह के व्यवहार पर सवाल उठाए गए
टीएमसी सांसद ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का व्यवहार संसद में उचित नहीं था। उनके इस आरोप के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे संसद में माहौल और गरमा गया। गिरिराज सिंह के व्यवहार पर उठाए गए सवालों के बाद हंगामा और बढ़ गया।
टीएमसी सांसद ने केंद्र पर पक्षपात का आरोप लगाया
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द बंगाल को मनरेगा के तहत फंड मुहैया कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और तीन साल तक बंगाल को लाभ से वंचित किया गया है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
बनर्जी ने कहा, "अगर कोई विसंगति है, तो उसे दूर किया जाना चाहिए। 25 लाख मामलों के लिए, आप बंगाल के 10 करोड़ लोगों को लाभ नहीं दे सकते।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कुछ अनियमितताएं या फर्जी मामले हैं, तो केंद्र सरकार उन मामलों पर कार्रवाई करने से क्यों पीछे हट रही है।
लोकसभा में गतिरोध और बढ़ती राजनीतिक गर्मी
कल्याण बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों और टिप्पणियों के बाद लोकसभा में राजनीतिक गतिरोध और बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा, और हंगामा बढ़ता गया। दोनों पक्षों के सांसद एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे थे, जिससे सदन का माहौल गर्मा गया।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा मनरेगा और बंगाल के साथ केंद्र सरकार के भेदभाव पर उठाए गए सवालों के बाद लोकसभा में हंगामा मच गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। संसद में जारी हंगामे के बीच यह मामला अब और भी तूल पकड़ता दिख रहा है।
What's Your Reaction?






