हर क्षेत्र में दूर दृष्टी रखने वाले नेताओं की जरूरत : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेताओं की आवश्यकता है, जिनके पास वैश्विक दृष्टिकोण  के साथ भारतीय मानसिकता हो।

Feb 21, 2025 - 14:02
 0  3
हर क्षेत्र में दूर दृष्टी रखने वाले नेताओं की जरूरत : प्रधानमंत्री मोदी

पीटीआई नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेताओं की आवश्यकता है, जिनके पास वैश्विक दृष्टिकोण  के साथ भारतीय मानसिकता हो। उनका कहने का यह मतलब है कि "देश के विकास के लिए ऐसे नेताओं की जरूरत है जिनकी कार्यशैली में वैश्विक दृष्टिकोण हो लेकिन मानसिकता भारतीय होनी चाहिए जिससे हमारी भारतीय संस्कृती का विस्तार हो सके।" 

प्रधानमंत्री ने किया वैश्विक सोच और भारतीय मानसिकता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमें ऐसे लोग चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय मानसिकता को भारतीय मानसिकता के साथ समझें और आगे बढ़ें।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेताओं की आवश्यकता है जो "वैश्विक सोच और स्थानीय upbringing" रखते हों। उनका मानना ​​है कि हर क्षेत्र में ऐसी नेतृत्व क्षमता की आवश्यकता है, जो भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करे, चाहे वह ब्यूरोक्रेसी हो, व्यापार हो या कोई अन्य क्षेत्र।

वैश्विक जटिलताओं के समाधान के साथ देश के हितों की रक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में एक ऐसी नेतृत्व की आवश्यकता है जो वैश्विक जटिलताओं और आवश्यकताओं का समाधान कर सके, जबकि देश के हितों को विश्व मंच पर प्रस्तुत कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है, और इसके लिए दुनिया भर में उच्च गुणवत्ता वाले नेताओं की आवश्यकता है, जो इस गति को तेज कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि हर क्षेत्र में समान सफलता प्राप्त हो।

‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ को बताया गेम-चेंजर'
प्रधानमंत्री मोदी ने 'स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' जैसी संस्थाओं के महत्व को बताया और कहा कि यह संस्थान बदलाव ला सकता है। इस संस्थान का उद्देश्य "प्रामाणिक नेताओं को सार्वजनिक भलाई के लिए आगे बढ़ाना" है।

मानव संसाधनों का महत्व और गुजरात का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधनों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात के बारे में पहले यह सवाल उठते थे कि यह राज्य प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण अलग राज्य के रूप में कैसे सफल हो सकता है। लेकिन आज गुजरात बहुत अच्छा कर रहा है, और इसका कारण यहां के नेताओं का योगदान है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई हीरा खदान नहीं है, लेकिन दुनिया के 10 में से 9 हीरे गुजराती लोगों के हाथों से गुजरते हैं।

‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ का उद्देश्य
'स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' गुजरात में स्थापित एक नेतृत्व संस्थान है, जिसका उद्देश्य "प्रामाणिक नेताओं को सार्वजनिक भलाई के लिए आगे बढ़ाना" है। इस संस्थान में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्मिक दुनिया, सार्वजनिक नीति, व्यापार और सामाजिक क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से नेताओं के प्रेरक जीवन यात्रा साझा करने और नेतृत्व से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करने की योजना है।

सम्मेलन के महत्व पर प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन एक ऐसा मंच बनेगा जहां विभिन्न क्षेत्रों के नेता अपने अनुभव साझा करेंगे और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर विचार करेंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Prashant Singh Journalism Student University Of Lucknow.