दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने 12 AAP विधायकों को सदन से एक दिन के लिए निलंबित किया
दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी करने के कारण आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 विधायकों को एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबित विधायकों में विपक्ष की नेता आतिशी, गोपाल राय, वीर सिंह धिंगान, मुकेश आलावत, चौधरी जुबैर अहमद, अनिल झा, विशेश रवि और जरनैल सिंह शामिल थे।

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी करने के कारण आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 विधायकों को एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबित विधायकों में विपक्ष की नेता आतिशी, गोपाल राय, वीर सिंह धिंगान, मुकेश आलावत, चौधरी जुबैर अहमद, अनिल झा, विशेश रवि और जरनैल सिंह शामिल थे।
उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी
दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना का अभिभाषण जारी था, इसी दौरान AAP विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि भाजपा ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को मुख्यमंत्री के कार्यालय से हटा दिया था। AAP के विधायकों ने इस मुद्दे को उठाते हुए विरोध जताया, जिसके बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।
आतिशी का आरोप - अंबेडकर की छवि का अपमान
विपक्ष की नेता आतिशी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "भाजपा ने बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटा कर उनके अपमान का काम किया है।" आतिशी ने इस कदम को लोकतंत्र और संविधान के प्रतीकों का अपमान बताया और पार्टी के विरोध को सही ठहराया।
विधायकों का निलंबन और स्पीकर की कार्रवाई
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने नारेबाजी के बाद AAP विधायकों को सदन से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि सदन में शांति और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है, और नारेबाजी करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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सदन में शांति बहाल करने की आवश्यकता
यह घटना दिल्ली विधानसभा में शांति और सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने वाली मानी जा रही है। विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के बीच यह विवाद अब और भी तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
दिल्ली विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। AAP ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा अपनी भूमिका को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। सदन में नारेबाजी और विरोध के बावजूद, स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने वाली स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की। यह घटनाक्रम आगामी दिनों में और राजनीतिक बहसों को जन्म दे सकता है।
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