आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में 10 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज
भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद ही दिल्ली में योजनाओं को लागू किया जा रहा है। कल शपथ ग्रहण से पहले ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनावी वादों के अनुसार होली से पहले महिलाओं को 2500 रुपए की पहली किस्त देना का वादा किया था और आज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) लागू करने का ऐलान किया गया है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी में करीब दस लाख गरीब परिवारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा।

नई दिल्ली: भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद ही दिल्ली में योजनाओं को लागू किया जा रहा है। कल शपथ ग्रहण से पहले ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनावी वादों के अनुसार होली से पहले महिलाओं को 2500 रुपए की पहली किस्त देना का वादा किया था और आज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) लागू करने का ऐलान किया गया है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी में करीब दस लाख गरीब परिवारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा।
इस योजना के तहत, 70 वर्ष से अधिक उम्र के 10 लाख 65 हजार 679 बुजुर्गों को भी पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। यह बीमा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी लागू होगा। इस स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से इन लोगों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा।
क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। यह योजना भारत सरकार द्वारा 2018 में शुरू की गई थी और इसके तहत गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है।
दिल्ली सरकार की तैयारियां:
दिल्ली सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने सभी 11 जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे एक माह के भीतर एक लाख परिवारों को इस योजना के तहत पंजीकृत करें। इस योजना के लागू होने के बाद, लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री शब्द जोड़ने का प्रस्ताव:
दिल्ली में इस योजना को लागू करने के पहले, आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम में 'मुख्यमंत्री' शब्द जोड़ने का प्रस्ताव दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने नकार दिया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने 2020-21 के बजट में इस योजना को लागू करने का प्रयास किया था, लेकिन यह मामला बजट से आगे नहीं बढ़ सका।
निजी अस्पतालों में नि:शुल्क सर्जरी:
दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में नि:शुल्क सर्जरी का प्रावधान भी किया है। अगर सरकारी अस्पतालों में सर्जरी के लिए लंबी तारीख मिल रही हो, तो अब अमीर-गरीब का भेदभाव किए बिना हर वर्ग का मरीज निजी अस्पतालों में नि:शुल्क सर्जरी करा सकता है।
यह बी पढ़ें: मायावती ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, कांग्रेस....
भा.ज.पा. सांसदों की कानूनी लड़ाई:
दिल्ली में इस योजना को लागू करने में एक बड़ा मुद्दा सामने आया था, जिसके तहत भाजपा सांसदों ने इसे लागू करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, भाजपा के सत्ता में आने के बाद सांसदों ने अपनी याचिका वापस ले ली है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लागू होने से दिल्ली में गरीब और बुजुर्ग परिवारों को एक बड़ी राहत मिलेगी। यह योजना उनके स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अब देखना यह है कि सरकार इसे कितनी तेजी से लागू करती है और इसके लाभार्थियों तक पहुंचता है।
What's Your Reaction?






