टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने शुरू की नई सुविधा: ग्रामीण क्षेत्रों में बिना नेटवर्क के कॉलिंग का मिल सकेगा लाभ

भारत में टेलीकॉम कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए सरकार ने एक नई और क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। अब, जियो, एयरटेल और बीएसएनएल यूजर्स बिना नेटवर्क के भी कॉल कर सकेंगे। इस नई सुविधा का नाम इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या को हल करने के लिए डिजाइन की गई है। इस सुविधा से जुड़ी अहम जानकारी और इसके प्रभाव को समझते हैं।

Jan 21, 2025 - 18:11
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टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने शुरू की नई सुविधा: ग्रामीण क्षेत्रों में बिना नेटवर्क के कॉलिंग का मिल सकेगा लाभ
भारत में टेलीकॉम कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए सरकार ने एक नई और क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। अब, जियो, एयरटेल और बीएसएनएल यूजर्स बिना नेटवर्क के भी कॉल कर सकेंगे। इस नई सुविधा का नाम इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या को हल करने के लिए डिजाइन की गई है। इस सुविधा से जुड़ी अहम जानकारी और इसके प्रभाव को समझते हैं।
ICR सेवा का महत्व और कार्यप्रणाली
पहले, मोबाइल यूजर्स केवल अपने विशिष्ट टेलीकॉम ऑपरेटर (TSP) द्वारा संचालित टावरों से ही कॉलिंग और डेटा सेवाओं का लाभ ले सकते थे। इस नई ICR सेवा के तहत, जियो, एयरटेल और बीएसएनएल यूजर्स को सीमलैस कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, जिससे वे डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम द्वारा समर्थित डीबीएन (डिजिटल बैकबोन नेटवर्क) फंडेड टावरों का उपयोग कर सकेंगे।
इसका मतलब यह है कि अब यदि किसी यूजर के फोन में जियो की सिम है, और वह किसी ऐसे क्षेत्र में है जहां जियो का टावर नहीं है, लेकिन एयरटेल का नेटवर्क अच्छा है, तो वह एयरटेल के टावर का इस्तेमाल करके कॉल और डेटा सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
डीबीएन फंडेड टावरों से होगी कनेक्टिविटी
टेलीकॉम डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह सेवा देश भर में 35,400 से अधिक गांवों में प्रभावी होगी। इन गांवों में 27,000 डीबीएन फंडेड टावरों के माध्यम से 4G कनेक्टिविटी दी जाएगी, जो खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी।
डीबीएन फंडेड टावरों का उद्देश्य कम सर्विस वाले इलाकों में उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी प्रदान करना है। यह पहल खासतौर पर उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है, जहां नेटवर्क कवरेज बहुत सीमित है या मौजूद नहीं है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी में सुधार की दिशा में कदम
इस नई पहल पर बात करते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ICR सुविधा से देश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां—जियो, एयरटेल और बीएसएनएल—इस पहल में सहयोग कर रही हैं, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगा।
सिंधिया ने यह भी बताया कि ICR सेवा के माध्यम से, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में इंटरनेट और कॉलिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जिससे नागरिकों को बेहतर डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
टेलीकॉम एक्ट 2023 के तहत डीबीएन फंड की स्थापना
यह पहल टेलीकॉम एक्ट 2023 के अंतर्गत आई है, जो सरकार ने खासतौर पर उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बनाई है, जहां मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता और कवरेज कम है। डीबीएन फंड के तहत जो टावर स्थापित किए गए हैं, वे सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं और उनका उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।
संक्षेप में:
  • नई सुविधा: इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) से जियो, एयरटेल और बीएसएनएल यूजर्स को बिना नेटवर्क के भी कॉल करने में मदद मिलेगी।
  • प्रभाव: यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या को हल करने में सहायक होगी।
  • डीबीएन फंड: सरकार के द्वारा स्थापित डीबीएन फंडेड टावरों के माध्यम से 4G कवरेज मिलेगा।
  • उद्देश्य: कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को साकार करना।
इस पहल से भारत के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर डिजिटल अनुभव मिलेगा।

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Prashant Singh Journalism Student University Of Lucknow.