Budget Session2025: लोकसभा में न्यू इनकम टैक्स बिल पर विपक्ष का हंगामा

आज संसद के दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा शुरू हो गई, जिसके दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। सबसे प्रमुख घटनाओं में वक्फ (संशोधन) विधेयक और न्यू इनकम टैक्स बिल का प्रस्तुत होना था, जिन पर गहन बहस और विवाद हुआ। इन विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्तियाँ जताईं, वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया।

Feb 13, 2025 - 15:28
Feb 13, 2025 - 15:57
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Budget Session2025: लोकसभा में न्यू इनकम टैक्स बिल पर विपक्ष का हंगामा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया न्यू इनकम टैक्स बिल

दिल्ली: आज संसद के दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा शुरू हो गई, जिसके दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। सबसे प्रमुख घटनाओं में वक्फ (संशोधन) विधेयक और न्यू इनकम टैक्स बिल का प्रस्तुत होना था, जिन पर गहन बहस और विवाद हुआ। इन विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्तियाँ जताईं, वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया।

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट
लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश की गई। जैसे ही रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत हुई, विपक्षी सांसदों ने इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा में यह रिपोर्ट जगदम्बिका पाल द्वारा प्रस्तुत की गई, जबकि राज्यसभा में इसे मेधा कुलकर्णी ने पेश किया।

विपक्षी सांसदों का आरोप था कि जेपीसी की रिपोर्ट में विपक्षी सदस्यों द्वारा पेश किए गए डिसेंट नोट (असहमति नोट) को जानबूझकर हटा दिया गया है, जो कि असंवैधानिक है। तिरुचि शिवा ने कहा कि कमेटी में असहमति को लेकर रिपोर्ट के साथ डिसेंट नोट को शामिल करने का प्रावधान है, लेकिन इस बार इसे नजरअंदाज किया गया है। यह एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि यह पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

इसके जवाब में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से नियमों के अनुसार तैयार की गई है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सदन को गुमराह न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में कुछ भी डिलीट नहीं किया गया है, और यह पूरी तरह से विधायी प्रक्रिया के अनुसार है। रिजिजू ने विपक्षी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि रिपोर्ट में शामिल सभी सामग्री को सही तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

न्यू इनकम टैक्स बिल पेश
लोकसभा में न्यू इनकम टैक्स बिल भी पेश किया गया। यह विधेयक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया, जिसमें आयकर प्रावधानों को सरल और सुलभ तरीके से प्रस्तुत करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक में ‘आकलन वर्ष’ जैसी जटिल शब्दावली की जगह ‘कर वर्ष’ का इस्तेमाल किया गया है।

विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक पर भी आपत्ति जताई। हालांकि, सरकार ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने का निर्णय लिया, जिससे इस पर और विचार-विमर्श होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य आम नागरिकों के लिए आयकर की प्रक्रिया को सरल बनाना है। इसके साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक का उद्देश्य किसी भी वर्ग विशेष को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि इसे हर करदाता के लिए उपयोग में आसान बनाना है।

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विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप
संसद में इन दोनों विधेयकों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जहां विपक्ष ने विधेयकों में कई गड़बड़ी और असंवैधानिक पहलुओं की ओर इशारा किया, वहीं सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दल इस रिपोर्ट पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें जनता के बीच अपनी छवि खराब होने का डर है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष सदन को गुमराह करने के बजाय संसद की गरिमा बनाए रखने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही है और किसी भी विधेयक को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं की जा रही है।

आखिरकार, क्या होगा संसद का आगे का रुख?
संसद में विपक्षी हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह सवाल उठता है कि क्या इस विधेयक को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच कोई सुलह हो पाएगी या यह विवाद गहराता जाएगा। सरकार ने अपने पक्ष में पूरी तरह से स्पष्टता और पारदर्शिता की बात की है, वहीं विपक्ष ने इसे असंवैधानिक और विरोधी बताते हुए यह साबित करने की कोशिश की है कि प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी है।

इस बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि सेलेक्ट कमेटी और अन्य प्रक्रियाओं में इस विवाद पर किस प्रकार से फैसला लिया जाता है और संसद में इस पर आगे की चर्चा किस दिशा में जाएगी।

आज का दिन संसद के लिए खास था, जहां दो महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर हंगामा हुआ। वक्फ (संशोधन) विधेयक और न्यू इनकम टैक्स बिल पर विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप की तकरार इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में संसद में और भी गर्मागर्म बहसें देखने को मिल सकती हैं। इन विधेयकों का भविष्य फिलहाल सेलेक्ट कमेटी और संसदीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा, लेकिन यह तय है कि इसने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा को हवा दी है।

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Prashant Singh Journalism Student University Of Lucknow.