कर्नाटक के राज्यपाल ने छात्रों से कृषि के भविष्य के लिए नवाचार को अपनाने का किया आग्रह

जनसंख्या वृद्धि, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों की कमी पर चिंता
नवाचार और तकनीकी प्रगति के महत्व पर जोर
गहलोत ने कहा, “नवाचार और तकनीकी प्रगति के इस युग में, कृषि और बागवानी को रचनात्मकता, तकनीकी विशेषज्ञता और कड़ी मेहनत से प्रेरित समाधानों की आवश्यकता है।” उनका मानना था कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कृषि उत्पादकता में वृद्धि संभव है, जो देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि और बागवानी में प्रौद्योगिकी का भविष्य
राज्यपाल ने यह भी कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों और स्मार्ट तकनीकों का इस्तेमाल किसानों को अधिक सटीक और कुशल तरीके से काम करने में मदद करेगा। यह किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाने और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कृषि अनुसंधान संस्थानों से आह्वान किया कि वे किसानों को नई तकनीकों के बारे में जागरूक करें और उन्हें इनका इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित करें।
दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रेरणा
केलाडी शिवप्पा नायक कृषि और बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने उपस्थित छात्रों को उनके समर्पण और मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण का उपयोग देश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में करें। उन्होंने कहा, “आपका ज्ञान और कौशल भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा।”
कृषि और बागवानी क्षेत्र में भविष्य के अवसर
गहलोत ने यह भी बताया कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं, विशेष रूप से जैविक और स्मार्ट खेती के क्षेत्रों में। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए आधुनिक कृषि के क्षेत्र में भी योगदान करें।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का यह संबोधन कृषि और बागवानी क्षेत्र में नवाचार और प्रौद्योगिकी के महत्व को उजागर करता है। उन्होंने खेती के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर स्मार्ट और जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सके और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। उनके विचारों ने छात्रों और कृषि विशेषज्ञों को प्रेरित किया, और यह एक स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य में कृषि क्षेत्र में सफलता के लिए तकनीकी प्रगति और नवाचार आवश्यक हैं।
What's Your Reaction?






