भोपाल सेंट्रल जेल में मिला ड्रोन कैमरा, मची खलबली
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सेंट्रल जेल में बुधवार को एक ड्रोन कैमरा मिलने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। यह घटना 26 जनवरी के मद्देनजर हुई है, जब जेल प्रशासन और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ड्रोन कैमरा एक हाई सिक्योरिटी बैरक से करीब दो सौ मीटर दूर, निर्माणाधीन हिस्से में स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पाया गया।

निर्माणाधीन हिस्से में मिला ड्रोन कैमरा
बुधवार दोपहर को जेल के प्रहरी द्वारा ड्रोन कैमरा का पता चलने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। ड्रोन सेंट्रल जेल के निर्माणाधीन हिस्से में स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पाया गया। इसे पहले गश्त कर रहे प्रहरी सोनवार चौरसिया ने देखा और फिर वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
जेल प्रशासन ने तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी और स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने ड्रोन की जांच शुरू की।
ड्रोन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिला
जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यह ड्रोन सेंट्रल जेल के निर्माणाधीन हिस्से में स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पाया गया था। जब ड्रोन की जांच की गई, तो उसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, यह ड्रोन पूरी तरह से चार्ज था और इसमें कैमरा भी लगा हुआ था। ड्रोन में रंग-बिरंगी लाइट्स भी जलती दिखीं।
प्रारंभिक जांच के दौरान यह ड्रोन चीन निर्मित खिलौना प्रतीत हुआ, लेकिन इसके अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में पाए जाने को लेकर इसे गंभीरता से लिया गया। इस बारे में डीजीपी, डीजी जेल और अन्य उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला
सेंट्रल जेल में सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए इस ड्रोन की घटना को गंभीर माना जा रहा है। इस जेल में 69 आतंकवादी बंद हैं, जिनमें सिमी, पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI), हिज्ब-उत-तहरीर, आइएसआइएस और जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश जैसे आतंकवादी संगठनों के सदस्य शामिल हैं।
इसके अलावा, 2008 के अहमदाबाद ब्लास्ट मामले में फांसी की सजा पाए दो आतंकी, सबली उर्फ साबित अब्दुल करीम मुस्लिम और कमरुद्दीन चांद मोहम्मद नागौरी भी इसी जेल में बंद हैं। इस संदर्भ में ड्रोन की घटना को लेकर विशेष रूप से खलबली मची हुई है।
हाई अलर्ट पर जेल और पुलिस विभाग
ड्रोन मिलने के बाद जेल विभाग और भोपाल पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। जेल प्रशासन ने जेल के आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है और पुलिस विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें ड्रोन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन का उद्देश्य क्या था और यह किसकी ओर से भेजा गया था।
भोपाल सेंट्रल जेल में ड्रोन कैमरा मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। प्रशासन ने इस घटना की जांच तेज कर दी है और जेल के आसपास के सुरक्षा उपायों को भी और मजबूत किया है। यह घटना सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब जेल में आतंकवादी और अन्य संगठनों से जुड़े अपराधी बंद हैं।
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