ईडी ने हैदराबाद में पोंजी घोटाले के आरोपियों पर की बड़ी कार्रवाई, 14 करोड़ रुपये का निजी जेट जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैदराबाद में एक बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत फाल्कन ग्रुप और उसके प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने एक निजी जेट जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह जेट कथित पोंजी घोटाले के पैसों से खरीदी गई थी। फाल्कन ग्रुप के सीएमडी अमर दीप कुमार पर कई निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

फाल्कन ग्रुप के पोंजी घोटाले की जांच
फाल्कन ग्रुप, जिसे कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है, पर आरोप है कि इसके प्रमोटरों ने पोंजी घोटाले के तहत कई निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगे। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग का मामला फाल्कन ग्रुप और इसके सीएमडी अमर दीप कुमार के खिलाफ स्थानीय पुलिस की एफआईआर से जुड़ा हुआ है। इस मामले में आरोपी कंपनी के प्रमोटरों ने निवेशकों से धन जुटाने के लिए झूठे वादे किए और बाद में इन पैसों को अपनी निजी संपत्तियों में बदल दिया।
सीएमडी ने जब्त जेट का इस्तेमाल विदेश भागने के लिए किया
ईडी के अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि कंपनी के सीएमडी अमर दीप कुमार ने इस जेट का इस्तेमाल कर देश से भागने के लिए किया था। जेट, जो कि 'एन935एच हॉकर 800ए' नामक 8-सीटर बिजनेस विमान है, को कुमार की कंपनी प्रेस्टीज जेट्स इंक के नाम से पंजीकृत किया गया था। 22 जनवरी को यह जेट हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद विदेश चला गया, और इसकी आवाजाही की जानकारी ईडी को सीमा शुल्क विभाग से मिली।
850 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा
फाल्कन ग्रुप से जुड़े इस पोंजी घोटाले का आकार लगभग 850 करोड़ रुपये है। ईडी के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों से पैसे जुटाकर उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया था, लेकिन असल में इन पैसों का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया। जेट की जब्ती से यह स्पष्ट हो गया है कि इस घोटाले से अर्जित धन का एक हिस्सा लग्जरी संपत्तियों और अन्य फिजिकल एसेट्स में निवेश किया गया था।
ईडी की आगामी कार्रवाई और जांच की दिशा
ईडी की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि किस प्रकार से पोंजी स्कीम के जरिए जुटाए गए धन का दुरुपयोग किया गया और इस धन को देश और विदेश में कहां-कहां स्थानांतरित किया गया। ईडी ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए अधिक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके साथ ही, एजेंसी अमर दीप कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर विचार कर रही है और इसके लिए उसकी विदेश यात्रा के बारे में अतिरिक्त जानकारियां एकत्र की जा रही हैं।
फाल्कन ग्रुप और उसके प्रमोटरों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई पोंजी घोटाले के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मामला न केवल निवेशकों के धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे आरोपी अपनी अवैध कमाई से लग्जरी संपत्तियां खरीदने और देश छोड़ने में सफल हुए। ईडी की जांच अब इस मामले को पूरी तरह से उजागर करने की दिशा में काम कर रही है, और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
What's Your Reaction?






